Tuesday, 25 October 2016

ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2016



1) वर्ष 2016 के ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की शुरुआत भारत के गोवा (Goa) में 15 अक्टूबर 2016 को हुई। इस आयोजन में पाँचों ब्रिक्स देशों (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। यह भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन का कौन सा अवसर है? –उत्तर- दूसरा
विस्तार: गोवा में आयोजित 2016 के आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (2016 BRICS Summit) के साथ भारत ने इस शिखर सम्मेलन का आयोजन दूसरी बार किया है। इससे पहले भारत ने चौथे शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली (New Delhi) में 29 मार्च 2012 को किया था।
 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दुनिया के 5 सबसे बड़े उभरते देशों (5 largest emerging nations) का वार्षिक सम्मेलन है जो 2009 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। 2009 में इस समूह की स्थापना ब्रिक (BRIC) के रूप में हुई थी तथा इसमें ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन को शामिल किया गया था। बाद में दक्षिण अफ्रीका वर्ष 2010 में इस समूह में शामिल हो गया तथा समूह का नाम ब्रिक्स (BRICS) कर दिया गया।
 उल्लेखनीय है कि पहले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन रूस के येकतेरिनबर्ग (Yekaterinburg) में 2009 में हुआ था। इसके बाद इन शिखर सम्मेलनों का आयोजन क्रमश: ब्राज़ील के ब्राज़ीलिया (Brasilia) में (2010), चीन के सान्या (Sanya) में (2011), भारत के नई दिल्ली (New Delhi) में (2012), दक्षिण अफ्रीका के डर्बन (Durban) में (2013), ब्राज़ील के फोर्टालेज़ा (Fortaleza) में (2014) और रूस के उफा (Ufa) में (2015) में किया गया था।
 आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 5 ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए, जो हैंमिशेल टेमर (ब्राज़ील), व्लादिमीर पुतिन (रूस), नरेन्द्र मोदी (भारत), शी जिनपिंग (चीन) और जैकब जुमा (दक्षिण अफ्रीका) इसके अलावा इस सम्मेलन में बिमस्टेक (Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation – BIMSTEC) समूह के सदस्य देशों को भी बुलाया गया है जिन्होंने ब्रिक्स-बिमस्टेक सम्मेलन में हिस्सा लिया। वहीं अफगानिस्तान (Afghanistan) और मालदीव (Maldives) को मेहमान राष्ट्रों के रूप में शामिल किया गया।
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2) ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन से सम्बन्धित मॉन्ट्रियल संधि (Montreal Protocol) के संधिकर्ता देशों की 28वीं बैठक (28th Meeting of the Parties – MOP 28) 15 अक्टूबर 2016 को समाप्त हो गई। इस बैठक, जिसमें देशों ने ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को वर्ष 2045 तक 85% काफी कम करने पर सहमति जताई, का आयोजन कहाँ किया गया? – रवाण्डा के किगाली (Kigali) में
विस्तार: अफ्रीकी देश रवाण्डा (Rwanda) के किगाली (Kigali) में मॉन्ट्रियल संधि (Montreal Protocol) के संधिकर्ता देशों की २८वीं बैठक 8 से 15 अक्टूबर 2016 के बीच आयोजित किया गया। इसमें ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले हाइड्रोफ्लूरोकार्बन्स (HFCs) के उत्सर्जन को कम करने के बारे में मंत्रणा हुई।
 15 अक्टूबर को बैठक में भाग ले रहे 107 देशों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हानिकारक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन 2045 तक काफी कम कर वर्ष 2050 तक तापमान में 0.5 डिग्री से. तक की कमी लाने की कोशिश करने पर सहमति जताई।
 उल्लेखनीय है कि हाइड्रोफ्लूरोकार्बन्स (HFCs) मुख्यत: घरों तथा कारों में लगने वाले एयर-कण्डीशनर्स (ACs) में प्रयुक्त की जाने वाली ग्रीन-हाउस गैसे हैं। लेकिन इनके अनुप्रयोग के कारण वैश्विक तापमान में वृद्धि होने की बात साबित हो चुकी है।
 इसी संदर्भ में 14 अक्टूबर 2016 को भारत, चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने हाइड्रोफ्लूरोकार्बन्स के प्रयोग को वर्ष 2045 तक 85% तक कम करने पर भी अपनी सहमति जता दी।
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3) भारत सरकार ने ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के लिए सर्वाधिक उत्तरदायी मानी जाने वाली किस खतरनाक ग्रीनहाउस गैस को समाप्त करने का निर्देश 13 अक्टूबर 2016 को जारी कर दिया? – एचएफसी-23 (HFC-23)
विस्तार: एचएफसी-23 (जिसे ट्राईफ्लूरोमीथेन (trifluoromethane) के नाम से भी जाना जाता है) एचसीएफसी-22 (HCFC-22) नामक एक प्रशीतक गैस (refrigerant gas) के उत्पादन के दौरान उत्सर्जित होती है। हाइड्रोक्लोरोफ्लूरोकार्बन (HFC) परिवार की यह गैस ग्लोबल वार्मिंग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide) के मुकाबले 14,800 गुना अधिक उत्तरदायी मानी जाती है तथा अपने भयंकर परिणामों के लिए खासी कुख्यात है।
 13 अक्टूबर 2016 को भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने एक आदेश पारित करते हुए HFC-23 का देश में उत्पादन करने वाली 5 कम्पनियों को निर्देश दिया कि किसी कार्यकुशल तथा सिद्ध इन्सीनरेशन (incineration) तकनीक के द्वारा इस गैस को पूरी तरह से समाप्त करने के कदम उठाए जाएं। खास बात यह रही कि यह आदेश पर्यावरण मंत्रालय ने रवाण्डा (Rwanda) के किगाली (Kigali) से जारी किया जहाँ मॉन्ट्रियल संधि (Montreal Protocol) से सम्बन्धित संधिकर्ता देशों की 28वीं बैठक में भारत समेत दुनिया भर के लगभग 190 देश भाग ले रहे थे।
 भारत सरकार ने HFC-23 गैस को समाप्त करने का यह आदेश ऐसे समय जारी किया है जब भारत पर ग्लोबल वार्मिंग के लिए उत्तरदायी HFC समूह की 19 गैसों पर जल्दी त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा था।
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4) किस देश ने पहले  ब्रिक्स अण्डर-17 फुटबॉल टूर्नामेण्ट (BRICS U-17 Football Tournament) का खिताब 15 अक्टूबर 2016 को जीत लिया? – ब्राज़ील (Brazil)
विस्तार: ब्रिक्स अण्डर-17 फुटबॉल टूर्नामेण्ट (BRICS U-17 Football Tournament) के पहले संस्करण का आयोजन भारत के गोवा (Goa) में 5 से 15 अक्टूबर 2016 के बीच किया गया। इस टूर्नामेण्ट में सभी पाँच ब्रिक्स देशों ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने भाग लिया। ब्राज़ील (Brazil) ने 15 अक्टूबर 2016 को फत्रोडा स्टेडियम में हुए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को 5-1 से हराकर खिताब जीत लिया।
 मेजबान भारत टूर्नामेण्ट में अपने सभी लीग मैच हार गया। लीग मैच गोवा के जीएमसी स्टेडियम में खेले गए जबकि फाइनल फत्रोडा स्टेडियम (Fatorda Stadium) में खेला गया।
 रूस के लिपाटिन डानिल (Lopatin Daniil) तीन गोल कर टूर्नामेण्ट के अग्रणी स्ट्राकर बनकर उभरे।
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5) महाराष्ट्र के वे दो बल्लेबाज कौन हैं जिन्होंने 14 अक्टूबर 2016 को रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में किसी भी विकेट के लिए सर्वाधिक रन की साझेदारी के रिकॉर्ड को कायम करते हुए 70 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया? – स्वप्निल गुगाले और अंकित बवाने
विस्तार: स्वप्निल गुगाले (Swapnil Gugale) और अंकित बवाने (Ankit Bawane) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) की ओर से दिल्ली (Delhi) के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के एक ग्रुप “B” मैच में खेलते हुए 594 रनों की विशाल नाबाद साझेदारी कर 70 वर्ष पुराने साझेदारी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस जोड़ी ने यह कीर्तिमान मुम्बई के वानखेडे स्टेडियम में कायम किया।
 इस जोड़ी ने विजय हजारे (Vijay Hazare) और गुल मोहम्मद (Gul Mohammed) की जोड़ी द्वारा बड़ौदा (Baroda) के लिए होल्कर (Holkar) के खिलाफ 1946-47 के रणजी ट्रॉफी सत्र में खेलते हुए 577 रन की साझेदारी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
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6) भारत द्वारा पेट्रोलियम के रणनीतिक भण्डार (strategic storage) तैयार करने की महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत देश के दक्षिणी हिस्से में स्थापित किए जा रहे भण्डारों को भरने की दिशा में पहले कदम के तौर पर भारत को पहला तेल पार्सल अक्टूबर 2016 के दौरान हासिल हुआ। मैंगलौर रिफाइनरी एण्ड पेट्रोकैमिकल्स लिमिटेड द्वारा आयातित तेल की यह पहली खेप किस देश से प्राप्त हुई है? – ईरान (Iran)
विस्तार: उल्लेखनीय है कि भारत दक्षिण भारत में अण्डरग्राउण्ड कैवर्न (underground caverns) में तेल को भण्डारित करने के लिए लगभग 3.68 करोड़ टन कच्चे तेल की भण्डारण क्षमता विकसित कर रहा है। यह विशाल भण्डार आपातकाल तेल भण्डार (emergency oil storage) का काम करेंगे तथा इनमें देश में कच्चे तेल की दो सप्ताह की मांग के बराबर तेल भण्डारित किया जा सकेगा।
 इस महात्वाकांक्षी योजना की तरफ पहले कदम बढ़ाते हुए भारत को लगभग 2 मिलियन टन कच्च तेल ईरान (Iran) से अक्टूबर 2016 के दौरान प्राप्त हुआ। इस तेल को मैंगलौर रिफाइनरी एण्ड पेट्रोकैमिकल्स लिमिटेड (MRPL) द्वारा आयातित किया गया।
 इस भण्डार को भरने के लिए भारत ईरान के अलावा सऊदी अरब (Saudi Arabia) तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भी तेल को आयातित करने की कोशिश कर रहा है।
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7) भारत में किसी विदेशी समूह द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े अधिग्रहण के तहत रूस (Russia) में तेल क्षेत्र के दिग्गज समूह रॉसनेफ्ट (Rosneft) के नेतृत्व वाले एक गठबन्धन ने किस भारतीय तेल कम्पनी में 98% भागीदारी लगभग 13 अरब डॉलर में खरीदने की घोषणा 15 अक्टूबर 2016 को की? – एस्सार ऑयल (Essar Oil)
विस्तार: 15 अक्टूबर 2016 को की गई घोषणा के अनुसार रूस के रोसनेफ्ट (Rosneft) समूह के नेतॄत्व वाला गठबन्धन शशि रवि रुइया के एस्सार समूह (Essar Group) की तेल कम्पनी एस्सार ऑयल (Essar Oil) में 98% हिस्सेदारी खरीद लेगा। 13 अरब डॉलर के इस भारी-भरकम सौदे में रूस की तेल ट्रेडिंग फर्म ट्राफिगुरा (Trafigura) तथा निजी निवेश समूह यूनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स (United Capital Partners) भी शामिल हैं।
 यह सौदा किसी विदेशी कम्पनी द्वारा भारत में किया गया अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है जबकि यह रूस द्वारा विदेश में किया गया सबसे बड़ा सौदा भी है।
 इस सौदे की घोषणा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के लिए गोवा (Goa) में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भेंट के दौरान किया गया।
 यह सौदा पूर्ण नकद आधार पर क्रियान्वित किया जायेगा तथा इसमें वडिनार (Vadinar) स्थित भारत की दूसरी सबसे बड़ी तेल-शोधनशाला, जिसकी क्षमता 20 मिलियन टन की है, को शामिल किया गया है।