अर्थशास्त्र के लिए
10 अक्टूबर,
2016 को रॉयल स्वीडिश
एकेडमी ऑफ साइंस
द्वारा वर्ष 2016 के अर्थशास्त्र
का नोबेल पुरस्कार
हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय, कैंब्रिज, अमेरिका के
ओलिवर हार्ट और
मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान, कैंब्रिज के
बेंट होम्सट्रॉम को
प्रदान किए जाने
की घोषणा की
गई।
इन्हें यह पुरस्कार
अनुबंध सिद्धांत (Contract Theory) में किए
गये योगदान स्वरूप
प्रदान किया जाएगा।
आधुनिक अर्थव्यवस्था में एक
साथ अनगिनत अनुबंध
समाहित हैं। ओलिवर
हार्ट और बेंट
होम्सट्रॅाम द्वारा बनाया गया
नया सिद्धांत वास्तविक
जीवन के अनुबंधों
एवं संस्थाओं के
साथ-साथ अनुबंध
संरचना के संभावित
नुकसान समझने के लिए
अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शांति के लिए
वर्ष 2016 का शांति
का नोबेल पुरस्कार
कोलंबिया के राष्ट्रपति
जुआन मैनुएल सांतोस
को प्रदान किया
जाएगा।
इन्हें यह पुरस्कार
कोलंबिया के पचास
वर्ष से अधिक
पुराने गृहयुद्ध को समाप्त
करने के लिए
किये गये प्रयासों
के लिये प्रदान
किया गया है।
ध्यातव्य है कि
23 जून, 2016 को कोलंबिया
सरकार और विद्रोही
संगठन रिवोल्यूशनरी आर्म्ड
फोर्सेज (FARC) के मध्य
पचास वर्षों से
चले आ रहे
गृहयुद्ध को समाप्त
करने के लिए
संघर्ष विराम और निःशस्त्रीकरण
समझौते पर हस्ताक्षर
किया गया।
इस ऐतिहासिक पहल का
नेतृत्व राष्ट्रपति जुआन मैनुएल
सांतोस द्वारा किया गया।
यद्यपि शांति समझौते पर
जनमत संग्रह में
कोलंबिया की जनता
ने फार्क के
साथ हुए इस
समझौते को नकार
दिया है, लेकिन
राष्ट्रपति ने शांति
के प्रयासों को
जारी रखने की
अपनी दृढ़ वचनबद्धता
व्यक्त की है।
चिकित्सा विज्ञान के लिए
वर्ष 2016 का चिकित्सा
शास्त्र का नोबेल
पुरस्कार जापान के कोशिका
विज्ञानी योशिनोरी ओसुमी को
प्रदान किए जाने
की घोषणा की
गयी।
योशिनोरी को ऑटोफैगी
के क्रियाविधि के
क्षेत्र में अनुसंधान
के लिये पुरस्कार
प्रदान किया गया
है।
ऑटोफैगी
(Autophagy) कोशिकाओं में हो
रहे क्षरण (Degradation) और
उसके घटकों के
पुनर्चक्रण की मौलिक
प्रक्रिया है।
यह प्रक्रिया तंत्रिका से
जुड़ी बीमारियों, मधुमेह
एवं कैंसर को
समझने एवं चिकित्सा
में सहायक है।
भौतिक विज्ञान
वर्ष 2016 का भौतिक
विज्ञान का नोबेल
पुरस्कार ब्रिटेन के वैज्ञानिक
डेविड जे. थूलेस,
एफ.डंकन एम.
हाल्डेन और जे.
माइकल कोस्टरलिट्ज को
संयुक्त रूप से
प्रदान किया गया
है।
पुरस्कार की आधी
धनराशि डेविड थूलेस को
और शेष आधी
धनराशि माइकल कोस्टरलिट्ज और
डंकन हाल्डेन को
संयुक्त रूप से
प्रदान की जाएगी।
इन वैज्ञानिकों को पदार्थ
की टोपोलॉजी चरणों
एवं टोपोलॉजी चरण
में बदलाओं के
बारे में अध्ययन
के लिये पुरस्कृत
किया जा रहा
है।
वर्ष 1970 से 1980 तक इन
तीनों वैज्ञानिकों ने
इस अवस्था पर
शोध कार्य किया।
इन्होंने अपने अनुसंधान
में अतिचालकता, अति
तरल पदार्थ या
चुंबकीय झिल्ली के अध्ययन
में उन्नत गणितीय
पद्धति का प्रयोग
किया।
जिसका प्रयोग भविष्य में
पदार्थ विज्ञान (Material Science) और इलेक्ट्रॉनिक्स
में किया जाएगा।
रसायन विज्ञान के लिए
वर्ष 2016 का रसायन
विज्ञान का नोबेल
पुरस्कार फ्रांस के जीन
पियरे साउवेग, ब्रिटेन
के सर जे.
फ्रासेर स्टोडार्ट, नीदरलैंड के
बर्नार्ड एल. फेरिंग
को संयुक्त रूप
से प्रदान किया
जाएगा।
इन्हें यह पुरस्कार
बाल की मोटाई
से हजार गुना
पतले विश्व की
सबसे छोटी मशीन
का डिजाइन बनाने
और उसका निर्माण
करने के लिए
दिया जाएगा। इस
मशीन को आणविक
मशीन कहा जाता
है।
इन तीनों वैज्ञानिकों ने
नियंत्रित चाल वाले
ऐसे अणुओं का
विकास किया जो
कि ऊर्जा मिलते
ही किसी कार्य का निष्पादन कर सकते
हैं।
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